Abstract

Abstract

भारत में सड़क दुर्घटनाओं की प्रवृत्तिः उत्तर प्रदेश के विशेष सन्दर्भ में।

Author : डॉ0 कौशलेन्द्र विक्रम सिंह

Abstract

देश के आर्थिक विकास और सामाजिक एकीकरण के लिए सड़क परिवहन अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुगम पहुंच, संचालन में लचीलापन, घर-घर सेवा और विश्वसनीयता के कारण सड़क परिवहन ने अन्य परिवहन साधनों की तुलना में यात्री और माल ढुलाई दोनों में लगातार उच्च हिस्सेदारी हासिल की है। सड़क परिवहन आधुनिक भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है। भारत में तीव्र शहरीकरण, औद्योगीकरण तथा वाहनों की बढ़ती संख्या ने सड़क परिवहन को अत्यधिक सुविधाजनक परिवहन का साधन बना दिया है। बढ़ते सड़कों के नेटवर्क के बावजूद सड़क दुर्घटनाएँ राष्ट्रीय समस्या का विषय है । सड़क दुर्घटनाओं के कारण लाखों लोगों की या तो मृत्यु हो जाती है या दिव्यांग बन जाते हैं या घायल हो जाते हैं। सड़क दुर्घटना की समस्या केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दीर्घकालिक प्रभाव सामाजिक, आर्थिक तथा मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी दिखाई पड़ता है। प्रस्तुत शोधपत्र में भारत में मुख्य रूप से उत्तरप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की वर्तमान स्थिति, दुर्घटनाओं की प्रवृत्ति, उनके प्रमुख कारणों, उनके प्रभाव तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों का विश्लेषण किया गया है। शोध से पता चलता है सड़क दुर्घटनाओं के लिए प्रमुख कारण मानवीय हैं। वाहन चालक की लापरवाही, तीव्र गति, शराब पीकर वाहन चलाना, गाड़ी चलते समय मोबाइल फोन का उपयोग, यातायात नियमों की अवहेलना करना है। इसके आलावा अपर्याप्त सड़क अवसंरचना, मुख्य रूप से सिंगल लेन का होना भी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण हैं। सड़क दुर्घटनाओं के कारण सबसे अधिक कामकाजी वर्ग असमय काल के गाल में समा रहे हैं, जिसका दुष्प्रभाव परिवार की सामाजिक आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।